Bitcoin Mining क्या है और कैसे काम करती है?

Bitcoin Mining क्या है और कैसे काम करती है? जैसे जैसे Crytpocurrency का trend बढ़ता जा रहा है, दुनिया में mining की activity भी बढ़ती जा रही है. आसान शब्दों में कहूँ तो bitcoin mining एक ऐसी प्रक्रिया है जिससे नए bitcoins generate किये जाते हैं. लेकिन दोस्तों, इस एक बात के अलावा भी bitcoins के कई मायने हैं. तो चलिए देखते हैं कि mining क्या है, यह कैसे काम करती है और bitcoin mining का वातावरण पर क्या असर पड़ता है.

Bitcoin mining kya kaise kam karti hai

Bitcoin mining समझने से पहले दोस्तों ये बात जान लीजिये कि Bitcoins को digital Gold भी कहा जाता है. Bitcoins एक सीमित मात्रा में ही उपलब्ध हैं. क्या आप जानते हैं एक बार में सिर्फ 21 Million Bitcoins ही exist कर सकते हैं और इन 21 Million में से भी, 16.8 Million Bitcoins already mine किये जा चुके हैं. Bitcoins Gold की तरह ही हैं, Gold की तरह ये भी एक सीमित मात्रा में हैं और इन्हे भी mine किया जाता है. लेकिन आपको पता है mining नाम का कोई शब्द शुरूआती दौर में था ही नहीं. जब बार बार communities में ये नाम लिया जाने लगा, तभी ये नाम existence में आया.

Bitcoin Mining कैसे काम करती है?

आसान शब्दों में कहूँ तो Mining एक ऐसी process है जिसमे computational power का उपयोग कर के complex mathematical equations को solve करते हुए नए Bitcoins generate किये जाते हैं. इन equations और algorithms को solve करने पर ही नई crptocurrencies generate होती हैं. जैसे ही एक complex equation solve हो जाती है, miner को इस काम के लिए award मिलता है. चूँकि इस Mining की process में बहुत ज्यादा electricity खर्च होती है, साथ ही, Mining के लिए required equipment भी काफी महंगे आते हैं. अभी के वक़्त में एक block solve करने पर miner को 12.5 Bitcoins मिलते हैं.

हर ये block जो miner को solve करना होता है, इसमें bitcoin transaction data होता है जो कि cryptographic hash functions द्वारा encrypt किया हुआ होता है. हर एक block को solve करने के लिए multiple miners compete कर रहे होते हैं. लेकिन reward सिर्फ उसी miner या miners के group को मिलता है जो सबसे जल्दी ये block solve कर ले. हर block solve करने पर मिलने वाला ये reward हर 4 सालों में या हर 210,000 blocks पर कम हो जाता है. ऐसा अनुमान लगाया जा रहा है कि 31st May, 2020 को ये reward सिर्फ 6.25 Bitcoins per block रह जायेगा.

Past में, ये Bitcoins अपने CPU द्वारा भी mine किये जा सकते थे. लेकिन उसके बाद GPUs इस काम के लिए प्रयोग किये जाने लगे. धीरे धीरे वे भी outdated हो गए. आज के वक़्त में अगर आप Bitcoins mine करना चाहते हैं तो आपको एक specific hardware ASIC device की ज़रुरत होगी. ये devices वैसे तो बहुत ज्यादा power या electricity consumer करती हैं लेकिन GPUs की तुलना में काफी बेहतर और जल्दी results भी देती हैं. ये ASIC devices बहुत ज्यादा heat generate करती हैं और इसलिए, इन्हे cool रखना ज़रूरी होता है. यही वजह है कि bitcoin Mining सबसे ज्यादा Canada और Iceland में की जाती है क्यूंकि वह climate पूरे साल ठंडा रहता है. कुछ cryptocurrencies जैसे Ethereum Mining का एक अलग protocol use करती है जहाँ आप ASIC devices का उपयोग बिलकुल भी नहीं कर सकते.

Mining basically एक ऐसी process है जिसमे सारे miners को एक आप सहमति पर लाया जाता है. जब सारे miners ये verify कर लेते हैं कि transaction legit है, तभी bitcoin blockchain में वो transaction approve होता है और transfer successful माना जाता है. mining की बहुत सारी algorithms हैं.

एक single ASIC device से mining करने में बहुत ज्यादा वक़्त लगता है. इसलिए बहुत सारे miners एक साथ मिलकर cryptocurrency mining pool join कर लेते हैं. यहाँ सभी लोग अपने अपने resources लगाते हैं और साथ मिल कर mine करते हैं. Process complete होने पर ये rewards उनके contribution के basis पर आपसे में share कर लिए जाते हैं.

क्या Bitcoin mining लाभदायक है?

Mining operations की profitability bitcoins के current price के base पर बढ़ती या घटती रहती है. चूँकि bitcoin prices का mercurial nature होता है, ये कभी पक्के से नहीं कहा जा सकता कि इससे कितना return आएगा. हाँ, bitcoins mining calculator जैसे tools का प्रयोग कर के mining operations की profitability का पता लगाया जा सकता है.

Bitcoin mining operation के साथ 2 तरह की costs जुडी हुई होती है. पहली- fixed cost- ये होता है one-time investment जो ASIC miners को खरीदने और set up करने में लगती है. Bitcoin mining से जुडी हुई दूसरी cost variable होती है. जिसमे शामिल होती है electricity cost, जो कि ASIC devices द्वारा consume की हुई electricity के कारण होती है और दूसरी equipment को ठंडा रखने के लिए लगने वाली monthly cost.

लेकिन cryptocurrency का craze और price बढ़ते हुए देख कर ये कहा जा सकता है कि Bitcoin mining अभी तो profitable है. वैसे इन operations की profitability इस पर भी निर्भर करती है कि जिस country में ये mining operation हो रहा है वह electricity prices क्या हैं. Algeria, Venezuela, आदि countries में electricity prices कम होने की वजह से mining operations कम costly होते हैं.

 
Prince Kapoor
Author bio: Prince Kapoor is Independent Marketing Analyst and Blogger. While not working, you can find him in gym or giving random health advises to his colleagues which no one agrees on :D. If you too want some of his advises (on health or on marketing), reach him out at @imprincekapur

लेकिन cryptocurrency mining का वातावरण पर बुरा प्रभाव पड़ता है. हाँ, mining से miners पैसे कमाते हैं लेकिन इसमें consume हुई energy की वजह से ये वातावरण को damage करती है. ऐसे कहा गया है की 2020 के अंत तक, mining operations पूरी दुनिया में उतनी electricity consume कर लेंगे, जितना कि एक पूरा planet एक साल में लेता है. इस वजह से environment-friendly algorithms की बहुत ज़रुरत है. लेकिन environmental risks होने के बावजूद mining का craze बढ़ते ही जा रहा है.

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